भारतीय शेयर बाजार पिछले महीने से काफी अस्थिर है। नवंबर में एक दिन में दो बार, निफ्टी ने 400 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज है।
अक्टूबर के बीच, अब तक के उच्चतम स्तर 18,604.45 पर पहुंचने के बाद निफ्टी 50 अब तक करीब 8-9% की गिरावट दर्ज चुका है। निफ्टी फार्मा को छोड़ बाकी सभी सूचकांकों के साथ निफ्टी आज ~ 2.9% से गिरकर 17,025 अंक पर आ गया है। COVID की नई आशंकाओं ने एशियाई बाजार को नीचे खींच लिया हैं।

इस गिरावट का कोई एक कारण है, ऐसा नहीं हो सकता। सभी परिस्थितियों का यह एकत्रित प्रभाव होना चाहिए , जो बाजार को नीचे धकेल रहा है। जानते है की, क्यों मार्केट में गिरावट देखी जा रही है?
नया कोविड -19 वेरिएंट
दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट बी.1.1529 का पता लगाया है। इसके कई सारे म्यूटेशन हैं, वैज्ञानिक इसके बारे में और ज्यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं। नए स्ट्रेन में काफी ज्यादा संख्या में म्यूटेशन होने की जानकारी के चलते, सभी देशों ने अलर्ट जारी किया है। तेजी से संक्रमण फैलने की आशंका के साथ, यह वेरिएंट अधिक गंभीर लक्षण भी पैदा कर सकता है।
भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि, वे दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना देशों से या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और जांच करें। यूनाइटेड किंगडम और इज़राइल ने इन देशों से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी शेयर आज लाल निशान में अपना कारोबार कर रहे हैं। इंटरग्लोब एविएशन 7.5% (मार्च के बाद से सबसे अधिक) और स्पाइसजेट लिमिटेड -5.5% गिर गया। हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स लिमिटेड -7.4%, EIH लिमिटेड -4.4%, लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड -5.6% और Chalet Hotels Ltd -7.4% ने गिरावट दर्ज की।
नए कोविड -19 संस्करण(variant) ने निवेशकों में दहशत पैदा की, इस के कारण जुलाई के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और अन्य द्वारा कच्चे तेल के भंडार को जारी करने के बाद आगामी तिमाही में वैश्विक आपूर्ति अधिशेष का विस्तार होगा, ऐसी चिंता जताई गई है। ब्रेंट क्रूड(Brent Crude ) 4.9% से गिरकर 78.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
लॉकडाउन को फिर से लागू करना
ज्यादातर यूरोपीय देशों ने, कोविड -19 के बूस्टर टीकाकरण शॉट्स का तेजी से वितरण और प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है। जर्मनी में कोविड से संबंधित 100,000 मौतों की सीमा को पार किया, वहा अब पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया है। स्लोवाकिया ने भी दो सप्ताह के लॉकडाउन की घोषणा की है। चेक(Czech) सरकार ने भी कोविड -19 मामलों में वृद्धि के बीच 30 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है।

वर्तमान स्थिति में, अगर दुनिया भर में नए लॉकडाउन के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो रिकवरी की गति को बनाए रखना बहुत मुश्किल होगा।
एफआईआई(FIIs) द्वारा भारी बिकवाली
२०२२ के वित्तीय वर्ष (FY22) में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारत में बिकवाली कर रहे हैं। नवंबर में इक्विटी कैश मार्केट में 17,900 करोड़ रुपये और अप्रैल से 87,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध ऑउटफ्लो हुआ है! कई संस्थानों ने पीक पर मुनाफावसूली की है। लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों में उत्साह की कमी आई है। रिपोर्टों से पता चलता है कि, बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन को कम करने और ब्याज दरों में वृद्धि करने की अमेरिकी फेडरल रिजर्व की योजनाओं के आधार पर विदेशी निवेशक वापस ले रहे हैं। यह कदम अमेरिका और भारत जैसे उभरते बाजारों के बीच ब्याज दर के अंतर को कम करेगा, जिससे वे कम आकर्षक हो जाएंगे।
हाल ही में, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म CLSA ने सुझाव दिया कि, यह “भारतीय बाजारों से मुनाफा बुक करने का समय” है। इस ने ऊर्जा में उछाल और व्यापक इनपुट मूल्य दबावों के बारे में चिंता जताई, जो कंपनियों के मार्जिन पर दबाव का कारण बन रहे हैं। CLSA ने महंगे मूल्यांकन पर भी चिंता जताई है। आकर्षक वैल्यूएशन और सरकारी नीतियों में आसानी की उम्मीद के चलते FII अब चीनी बाजार में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं।
इस बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने नवंबर में अब तक 13,000 करोड़ रुपये से अधिक और अप्रैल से 69,000 करोड़ रुपये से अधिक के शुद्ध शेयर खरीदे हैं। DII के लिए FII की मदद के बिना बाजार को समर्थन देना जारी रखना एक मुश्किल काम होगा।
अब आगे क्या?
मार्च 2020 से आज तक, निफ्टी अपने पिछले महीने के निचले स्तर से एक महीने भी नीचे बंद नहीं हुआ है। यदि निफ्टी अपने मौजूदा स्तर (~ 17,100) पर बंद होता है, तो मार्च 2020 के बाद यह पहली बार होगा, जब सूचकांक पिछले महीने के निचले स्तर से एक महीने नीचे बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषको अनुसार, ऐसा पैटर्न कभी भी एक अच्छा संकेत नहीं होता है। क्या यह एक बड़े सुधार की शुरुआत है? हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा।

याद रखें की, अपने पोर्टफोलियो में फंडामेंटल रूप से मजबूत शेयरों को जोड़े। अपने स्विंग पोजीशन पर सख्त स्टॉप लॉस बनाए रखना भी एक बुरा विचार नहीं है। अपनी होल्डिंग में रैंडम स्टॉक से लाभ बुक करें और गुणवत्ता वाले शेयरों में फिर से निवेश करें।
क्या आपको लगता है कि, निफ्टी के गिरावट के पीछे और भी कोई कारण हैं? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।